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घोटालाें में फंसे चर्च नेताओं पर कार्यवाही करे – पाेप

निराशाजनक यह है कि ईसाई समाज में इस पर कोई चर्चा नही है। आत्ममंथन करने की उपेक्षा हम ईसाई चर्च नेताओं काे बचाने आैर उनके तथाकथित काले कारनामाें पर पर्दा डालने और घटनाओं काे नज़रअंदाज़ करने में लगे हुए हैं। धार्मिक होना अच्छा है लेकिन अंधधार्मिक होना ठीक नही है। रूढ़िवादी न बने हम। सत्य को जाने,जैसा जीजस ने कहा था कि सत्य काे जानाें आैर वही तुम्हें मुक्त करेगा।

पिछले कुछ दिनों से अनैतिक कार्य को लेकर कैथोलिक चर्च चर्चा में है। केरल के कोट्टायम में चर्च में जाने वाली एक महिला ने पांच पादरियों पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। केरल में एक नन ने चर्च के बिशप के खिलाफ बलात्कार करने का मामला दर्ज कराया है। नन का कहना है कि बिशप ने कई बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशप  फ्रेंको मुलक्कल कैथोलिक डायोसीस (जालंधर-पंजाब) का मुखिया है, जिन्हें कुछ साल पहले ही वेटिकन ने पंजाब के कैथोलिक चर्च की जिम्मेदारी सौंपी है।

रांची के मिशनरीज ऑफ चैरिटी से संचालित ‘निर्मल हृदय’ से बच्चों की बिक्री का मामला शर्मनाक है। कैथाेलिक चर्च की मदद से मदर टेरेसा ने जिन संस्थाओं को मानवता की सेवा के लिए खड़ा किया था उनमें बच्चों की खरीद-फरोख्त हाेना यह तो ईसा-भक्ति नहीं, ईश-द्रोह है। बच्चों की बिक्री का मामला अब देशव्यापी मानव तस्करी का पर्दाफाश कर रहा है।

निराशाजनक यह है कि ईसाई समाज में इस पर कोई चर्चा नही है। आत्ममंथन करने की उपेक्षा हम ईसाई चर्च नेताओं काे बचाने आैर उनके तथाकथित काले कारनामाें पर पर्दा डालने और घटनाओं काे नज़रअंदाज़ करने में लगे हुए हैं। मुझे हैरानी हुई कि रांची के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के समर्थन में 15 जुलाई को भारी बारिश के बावजूद, अलग-अलग कलीसियाओं के हजाराें लाेगाें ने जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे मानव श्रृंखला बनाई आैर गुमला, सिमडेगा, बोकारो, जमशेदपुर और खूंटी में  विरोध प्रदर्शन किये।
मित्राें , धार्मिक होना अच्छा है लेकिन अंधधार्मिक होना ठीक नही है। रूढ़िवादी न बने हम। सत्य को जाने,जैसा जीजस ने कहा था कि सत्य काे जानाें आैर वही तुम्हें मुक्त करेगा। यह बातें आर एल फ्रांसिस ने रविवार को ईसाई समाज के प्रमुख लाेगाें की एक सभा में कहीं।
फ्रांसिस ने कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर बहुत गंभीर अराेप लगे है। संस्था के कोलकाता रीजन जिसके अंतर्गत झारखंड, पश्चिम बंगाल व बिहार की मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्थाएं आती हैं, ने 10 साल के भीतर नौ अरब 17 करोड़ 62 लाख रुपये का विदेशी फंड लिया है। इसकी जांच हाेने पर ईसाइयत काे खतरा कैसे हाे सकता है? फ्रांसिस ने कहा कि आप जानते है कि ईसाई मिशनरियां सैकड़ाे अरब का विदेशी फंड लेती है इसके बावजूद आम ईसाइयों की आर्थिक स्थिति कितनी दयनीय है।
बिशप फ्रेंको मुलक्कल के मामले में कुछ बुद्धिजीवी ईसाइयों ने भारत स्थित वेटिकन के राजदूत के माध्यम से पाेप फ्रांसिस से मांग कि है कि वह जांच पूरी हाने तक बिशप काे चर्च के कामों से निलंबित करें ताकि निष्पक्ष जांच हाे आैर पीड़ित काे न्याय मिल सके। हालांकि चर्च नेता अपने खिलाफ आए किसी फैसले काे नहीं मानते, चर्च का यह बहुत पुराना हथकंडा है कि वह अपने ऊपर आरोप लगाने या न्याय की बात करने वाले काे ही ऐसे ही झूठे ममलाें में फंसाकर कटघरे में खड़ा करता आया है। इस काम में सरकार और प्रशासन भी उनकी मदद में लगे हाेते है।
आर एल फ्रांसिस ने आम ईसाइयों से अपील की कि वह उन लाेगाें का साथ दें, जाे चर्च ढांचे में शोषित -उत्पीड़ित किए जा रहे हैं। फ्रांसिस ने कहा कि भारतीय ईसाइयों के लिए यह दुखद है कि सैकड़ों सालों से देश के अंदर चर्च में काेई सुधारवादी आंदोलन खड़ा नहीं हो सका। चर्च के साम्राज्यवादी दृष्टिकोण के कारण ऐसे किसी आंदाेलन काे पनपने ही नही दिया गया। इस कारण उनके बीच काेई सुधारवादी धारा आज तक बही ही नहीं।
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