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ननों के तबादलों पर हस्तक्षेप करे – सीबीसीआई

56 पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मूवमेंट ने कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) को एक पत्र लिख कर दुष्कर्म के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाली चार ननों के तबादले काे राेकने की मांग की है। मूवमेंट के अध्यक्ष आर.एल. फ्रांसिस ने बिशप कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष फिलिप नेरी फेर्राओ काे लिखे अपने पत्र में मांग की है  कि इस मामले में सुनवाई खत्म होने तक उनके स्थानांतरण के आदेश प्रभावी नहीं हों। 
 
आर.एल. फ्रांसिस ने कहा कि यह दुखद है कि ननाें को अपने तबादले के मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से गुहार लगानी पड़ रही है। यह शर्म की बात है। इसमें ननाें ने उनसे यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है कि इस मामले में सुनवाई खत्म होने तक उनके स्थानांतरण के आदेश प्रभावी नहीं हों। वहीं दुष्कर्म पीडि़ता नन ने भी अलग से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में उसने आरोप लगाया है कि उनका (कैथाेलिक चर्च) का उद्देश्य मुझे अलग-थलग करने के साथ ही परेशान और प्रताडि़त करना है।
 
आर.एल. फ्रांसिस ने बिशप कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फिलिप नेरी फेर्राओ काे लिखे अपने पत्र में कहा है कि इस पूरे मामले में कैथोलिक चर्च की मूक भूमिका ने उसके नेतृत्व पर आम भारतीयाें के मन में कई सवाल खड़े किए हैं। वर्तमान समय में जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, आैर उस पर न्यायालय का फैसला आने तक इन ननाें के स्थानांतरण पर सीबीसीआई को आगे बढ़ कर खुद राेक लगानी चाहिए। हम पहले भी ऐसे तबादलों के परिणाम देख चुके है, जिसका एकमात्र उद्देश्य पीड़ित काे दुर्बल करना, उसे अपमानित करना और उसके मनाेबल काे ताेड़ना ही हाेता है।
 
फ्रांसिस ने कहा कि हम आशा करते हैं कि आप इस मामले में हस्तक्षेप करके पीड़ित ननाें काे न्याय दिलाने में उनकी सहायता कर चर्च की विश्वसनीयता को बनाए रखेंगे।
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