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आखिरकार आजाद आसिया

कानूनी तौर पर Asia-Bibi-800955 का इम्तिहान अब खत्म हो गया। पिछले साल अक्तूबर में आसिया को बरी करने का फैसला सुनाया गया था। उस फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए मुल्क की सबसे आला अदालत ने काफी सख्त लहजे में कहा है कि इस मुकदमे की दोबारा सुनवाई नहीं होगी और आसिया बीबी रिहा की जाएगी। मगर हमारे मुल्क का अफसोसनाक सच यही है कि आसिया जब तक पाकिस्तान में रहेगी, वह सही मायने में खौफ से कभी आजाद नहीं हो पाएगी।

अब जब उसकी बेगुनाही साबित हो चुकी है, तब भी वह एक अज्ञात जगह पर बताई जा रही है। जो लोग उसके करीबी हैं, वे बात करने से कतराते रहे हैं और उसके वकील सैफुल मलूक को भी विदेश में पनाह लेनी पड़ी, हालांकि पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दरम्यान आसिया का बचाव करने के लिए मलूक पूरी दिलेरी के साथ अदालत में पहुंचे। दरअसल, ईशनिंदा के आरोपियों के लिए अदालत कभी कोई खतरा नहीं रही; आज तक एक भी शख्स को इसके लिए सजा-ए-मौत नहीं मिली।

हकीकत में, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी संजीदगी के साथ यह साबित किया है कि कैसे कथित चश्मदीदों ने झूठी शहादतें दीं और किस तरह गैर-मजहबी वजहों से भी ईशनिंदा के झूठे इल्जाम मढ़े गए। आरोपियों को असली खतरा कट्टरपंथियों की तरफ से रहा है, जो महज इल्जाम की बिना पर कानून को अपने हाथों में लेने और मरने-मारने को हमेशा तैयार रहते हैं।.

आसिया बीबी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुनर्विचार याचिका खारिज किए जाने के बाद तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान ने फिर से देश भर में विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है। हालांकि इसके तमाम बड़े नेता सलाखों के पीछे हैं, इसलिए उसमें मुल्क को बंधक बनाने की वैसी ताकत नहीं रही, फिर भी हुकूमत को इस बार बेहतर तरीके से तैयार रहना चाहिए।

आला अदालत ने अपना काम कर दिया है, अब हुकूमत पर यह जिम्मेदारी आयद है कि वह पूरे पाकिस्तान में हिफाजती इंतजामात चाक-चौबंद करे, सबसे ज्यादा आसिया बीबी की हिफाजत।.

द न्यूज, पाकिस्तान.

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